विशेष शिक्षा विभाग
विशेष शिक्षा विभाग
विशेष शिक्षा विभाग, जो कि सी. आर. सी–शिलॉंग का एक अभिन्न हिस्सा है, सभी विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों
को विशेष शैक्षिक सेवाएं प्रदान करता है तथा विशेष शिक्षा के क्षेत्र में मानव संसाधन तैयार करता है। यह विभाग केंद्र के
अन्य विभागों के साथ घनिष्ठ सहयोग से कार्य करता है और दिव्याङ्ग्जनों, उनके परिवारों तथा विकलांगता पुनर्वास के
क्षेत्र के समग्र विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में स्थापित उद्देश्यों को प्राप्त करने में यथासंभव सर्वोत्तम योगदान देता है।
प्रदान की जाने वाली सेवाएँ:
विशेष शिक्षा विभाग का विशेष शिक्षा कार्यक्रम शिक्षकों, अभिभावकों, भाइयों-बहनों और अन्य परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर
1 से 18 वर्ष आयु के विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों की पहचान और सहायता करता है। सभी बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित
करने के लिए विभाग केंद्र के अन्य विभागों जैसे नैदानिक मनोविज्ञान, फिजियोथेरेपी, सामाजिक कार्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण
तथा ओरिएंटेशन और मोबिलिटी के साथ सहयोगात्मक रूप से कार्य करता है।
विशेष शिक्षा सेवाएँ प्रदान करने के लिए उपयोग की जाने वाली विधियाँ:
- व्यक्तिगतरूप से अनुकूलित शिक्षा कार्यक्रम
- व्यक्तिगतरूप से अनुकूलित पारिवारिक समर्थन कार्यक्रम
- समूह चिकित्सा
- अभिभावक परामर्श
विशेष शिक्षा सेवाओं के लिए पात्र बच्चे
दिव्यङ्ग बच्चे विशेष शिक्षा और संबंधित सेवाओं के लिए पात्र होते हैं। इस श्रेणी में वे बच्चे शामिल हैं जिनका मूल्यांकन किया गया
हो और जिनमें निम्नलिखित विकार पाए गए हों:
- बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disabilities)
- ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम विकार (Autism Spectrum Disorders)
- मस्तिष्क पक्षाघात (Cerebral Palsy)
- श्रवण दोष (Hearing Impairment)
- दृष्टि दोष (Visual Impairment)
- अस्थि-संबंधी विकलांगता (Orthopedic Impairment)
- विशिष्ट शिक्षण अक्षमता (Specific Learning Disabilities)
- शैक्षणिक पिछड़ा/धीमे सीखने वाले (Scholastic Backward / Slow Learners)
- बहुविकलांगता (Multiple Disabilities)
- प्रतिभाषा