प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स इकाई
प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स इकाई
प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स विभाग गतिशीलता संबंधी दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को पुनर्वास सेवा एवं समाधान प्रदान करता है।
यह विभाग उन व्यक्तियों की सहायता करता है जिन्हें विभिन्न कारणों जैसे अंगों के कटने (अंपुटेशन), पोलियो, सड़क दुर्घटना (RTA),
मस्तिष्क पक्षाघात, जन्मजात कंकालीय अंगों की कमी, और रीढ़ की हड्डी की चोट के कारण निचले या ऊपरी अंगों की कमजोरी या विकृति
के कारण सही ढंग से खड़े होने और चलने में कठिनाई होती है। ऐसे व्यक्तियों के लिए प्रोस्थेटिक्स (कृत्रिम अंग) और ऑर्थोटिक्स
(सहायक उपकरण) की आवश्यकता होती है।
प्रोस्थेटिस्ट और ऑर्थोटिस्ट स्वास्थ्य सेवा पेशेवर, होते हैं जो उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग करते हुए उच्च तकनीक सहित किफायती
और प्रभावी कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों को डिजाइन, निर्मित, फिट और अनुशंसित करते हैं, जिससे दिव्यांगजनो को बेहतर
जीवन यापन में सहायता मिलती है।
प्रदान की जाने वाली सेवाएँ:
- कमजोर या विकृत अंगों का समर्थन करने हेतु निचले और ऊपरी अंगों के ऑर्थोसिस, जो विकृतियों को रोकने, सुधारने या सहायता
प्रदान करने के लिए होते हैं, ताकि सामान्य शारीरिक चाल को अनुकूलित किया जा सके। - रीढ़ की हड्डी के लिए स्पाइनल ऑर्थोसिस, जो रीढ़ को सहारा देने, स्थिर करने, सुधारने तथा दर्द से राहत देने और विकृति
को रोकने के लिए उपयोगी होता है। - निचले और ऊपरी अंगों के कृत्रिम अंग (प्रोस्थेसिस), जो कार्यक्षमता और सौंदर्यात्मक रूप बहाल करते हैं तथा चलने-फिरने में
सहायता प्रदान करते हैं। - पूर्वनिर्मित सहायक उपकरण/उपकरण (जैसे: क्रच, वॉकर, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल आदि) गतिशीलता के लिए।
संपर्क विवरण
नाम: श्री मनोजीत डे
पद: कार्यशाला पर्यवेक्षक
मोबाइल नंबर: 9002006124
ईमेल पता: manojitforever[at]gmail[dot]com